मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए दुखद खबर सामने आई है। अमेरिकी ऑयल टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर मौजूद अन्य भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया। यह हमला उस समय हुआ जब तेल टैंकर इराक के बसरा के पास से गुजर रहा था। घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया गया है कि सेफसी विष्णु नाम का यह अमेरिकी ऑयल टैंकर मार्शल आइलैंड के झंडे के साथ खाड़ी क्षेत्र में संचालन कर रहा था। इसी दौरान ईरान की ओर से कथित तौर पर सुसाइड बोट के जरिए इस जहाज को निशाना बनाया गया, जिसके बाद जहाज पर बड़ा विस्फोट हुआ और आग लग गई।
कैसे हुआ ऑयल टैंकर पर हमला
जानकारी के अनुसार यह हमला इराक के बसरा के पास खोर अल-जुबैर पोर्ट के नजदीक उस समय हुआ जब जहाज कार्गो लोडिंग ऑपरेशन में लगा हुआ था। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक सफेद रंग की एक मानवरहित स्पीडबोट तेज रफ्तार से जहाज की ओर बढ़ी और टैंकर के स्टारबोर्ड हिस्से से टकरा गई।
बताया जा रहा है कि स्पीडबोट में विस्फोटक भरे होने की आशंका थी। टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही क्षणों में जहाज के भीतर आग फैल गई। इसके बाद एक के बाद एक दो बड़े विस्फोट हुए, जिससे पूरा टैंकर आग की चपेट में आ गया और अफरा-तफरी मच गई।
मारे गए भारतीय की पहचान सामने आई
हमले के बाद जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स ने अपनी जान बचाने के लिए जहाज छोड़ दिया और समुद्र में कूद गए। उसी दौरान आसपास मौजूद एक एसटीएस टग ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाद में इराकी कोस्ट गार्ड ने जहाज पर मौजूद बाकी क्रू मेंबर्स को भी सुरक्षित निकाल लिया। कुल 27 क्रू मेंबर्स को बचाया गया, जिनमें 15 भारतीय और 12 फिलीपीनी नागरिक शामिल थे।
हालांकि इस हमले में जहाज के अतिरिक्त चीफ इंजीनियर देओनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। देओनंदन प्रसाद सिंह मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और मुंबई के कांदिवली स्थित रहेजा टावर में उनका निवास बताया गया है।
ईरान की प्रतिक्रिया भी आई सामने
हमले के बाद ईरान की ओर से बयान जारी करते हुए कहा गया कि चेतावनी दिए जाने के बावजूद यह ऑयल टैंकर उत्तरी पर्शियन गल्फ क्षेत्र से गुजर रहा था। इसी वजह से इसे निशाना बनाया गया।
बताया गया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ईरान इस क्षेत्र में करीब 18 ऑयल टैंकरों को निशाना बना चुका है। इससे एक दिन पहले भी थाईलैंड से जुड़े एक जहाज पर हमला किए जाने की खबर सामने आई थी।
प्रधानमंत्री ने उठाया कूटनीतिक कदम
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने भी कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता दिखाई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की है।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता बताया। साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।
